School Timeing Change: गौतमबुद्ध नगर और दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण और कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों की समय सारिणी में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। घने कोहरे और अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों को सुबह जल्दी स्कूल जाना मुश्किल हो रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला अधिकारियों ने छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए स्कूल के समय में बदलाव करने का निर्णय लिया है। यह फैसला सभी प्रकार के स्कूलों पर लागू होता है और इससे लाखों विद्यार्थी प्रभावित होंगे। यह कदम बच्चों की भलाई के लिए उठाया गया एक संवेदनशील निर्णय माना जा रहा है।
गौतमबुद्ध नगर में नया समय लागू
गौतमबुद्ध नगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार ने एक आदेश जारी करके जिले के सभी स्कूलों के समय में बदलाव की घोषणा की है। यह आदेश जनपद में संचालित सभी प्रकार के सरकारी, निजी, सीबीएसई, आईसीएसई, आईबी और उत्तर प्रदेश बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर लागू होता है। कक्षा नर्सरी से लेकर बारहवीं तक के सभी छात्रों के लिए नई टाइमिंग निर्धारित की गई है। अब स्कूल सुबह दस बजे खुलेंगे और दोपहर तीन बजे तक चलेंगे। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी आदेश तक जारी रहेगा।
बच्चों की सेहत पर पड़ रहा था असर
प्रशासन ने यह निर्णय बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को देखते हुए लिया है। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है जिससे दृश्यता बहुत कम हो जाती है। ऐसे में बच्चों के स्कूल आने जाने में न केवल परेशानी होती है बल्कि सड़क दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके अलावा सुबह की कड़ाके की ठंड में बाहर निकलने से बच्चों को सर्दी, जुकाम, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है। छोटे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण वे जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए स्कूल का समय बदलना जरूरी हो गया था।
आदेश का पालन जरूरी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अपने आदेश में सभी विद्यालयों को निर्धारित समयानुसार कक्षाएं संचालित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इस आदेश की प्रतिलिपि संबंधित सभी प्रशासनिक अधिकारियों, स्कूल प्रधानाचार्यों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भेजी गई है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई भी स्कूल इस आदेश का उल्लंघन न करे और सभी जगह समान रूप से नया समय लागू किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उल्लंघन की स्थिति में संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। अभिभावकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे नए समय के अनुसार ही बच्चों को स्कूल भेजें।
दिल्ली में हाइब्रिड मोड का विकल्प
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी प्रदूषण और ठंड को देखते हुए महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। यहां कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड मोड की व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था के अंतर्गत विद्यार्थियों को दो विकल्प मिलते हैं। वे चाहें तो स्कूल जाकर सामान्य तरीके से ऑफलाइन पढ़ाई कर सकते हैं या फिर घर बैठे ऑनलाइन कक्षाओं में भाग ले सकते हैं। यह व्यवस्था अभिभावकों और छात्रों को मौसम और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार निर्णय लेने की सुविधा देती है। यह एक लचीला और व्यावहारिक समाधान है जो सभी की जरूरतों को ध्यान में रखता है।
अभिभावकों को मिली राहत
दिल्ली और एनसीआर के अभिभावकों के लिए यह निर्णय बड़ी राहत लेकर आया है। अब उन्हें अपने छोटे बच्चों को कड़ाके की ठंड और घने कोहरे में स्कूल भेजने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। स्कूल का समय बदलने से बच्चे सुबह की ठंड से बच जाएंगे और जब तक वे स्कूल जाएंगे तब तक धूप निकल आएगी। हाइब्रिड मोड का विकल्प भी बहुत फायदेमंद है क्योंकि इससे शिक्षा प्रभावित नहीं होगी। जो अभिभावक अपने बच्चों को घर पर रखना चाहते हैं वे ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प चुन सकते हैं। प्रशासन का यह फैसला छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए लिया गया है जो अत्यंत सराहनीय है।


